
नई दिल्ली: कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के सचिव पद के लिए हुए चुनाव में बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी ने अपनी ही पार्टी के पूर्व सांसद डॉ. संजीव बालियान को हराकर शानदार जीत दर्ज की। इस जीत के साथ रूडी का क्लब में 25 साल से चला आ रहा दबदबा बरकरार है।

707 वोट, 26 राउंड की काउंटिंग और रोमांचक नतीजा
इस बार चुनाव में कुल 707 वोट पड़े, जिनमें 669 ई-वोटिंग से और 38 बैलेट पेपर से डाले गए।
वोटों की गिनती 26 राउंड तक चली। शुरुआती राउंड्स में मुकाबला कड़ा रहा, लेकिन अंतिम राउंड में रूडी ने निर्णायक बढ़त बना ली।
20 साल बाद सचिव पद पर चुनाव
सचिव पद का चुनाव आखिरी बार 2005 में हुआ था। इसके बाद चार बार रूडी निर्विरोध जीत चुके थे।
इस बार डॉ. संजीव बालियान ने अंतिम समय में नामांकन किया, जिससे चुनावी माहौल गरमा गया।
सांसदों की पार्टी लाइन से हटकर वोटिंग
करीब 1,200 वोटर (सांसद और पूर्व सांसद) इस क्लब के सदस्य हैं। इस चुनाव में 60% से अधिक मतदान हुआ।
दोनों उम्मीदवारों ने व्यक्तिगत संपर्क अभियान चलाया और सांसदों ने पार्टी लाइन से हटकर वोट डाले।
कौन-कौन पहुंचे वोट डालने
मतदान के दिन संसद और क्लब में दिग्गज नेताओं का जमावड़ा दिखा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, जया बच्चन, कंगना रनौत समेत कई वरिष्ठ सांसद।
रूडी बनाम बालियान: पृष्ठभूमि
राजीव प्रताप रूडी – पेशे से पायलट, 1996 में पहली बार सांसद, कई बार लोकसभा सदस्य, वाजपेयी और मोदी सरकार में मंत्री।
संजीव बालियान – 2014 और 2019 में मुजफ्फरनगर से सांसद, मोदी कैबिनेट में मंत्री, पश्चिमी यूपी के प्रमुख जाट नेता, 2024 में चुनाव हारे।
जीत के बाद रूडी का बयान
“जब कांग्रेस से सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे आए और बीजेपी से अमित शाह व जेपी नड्डा वोट डालने पहुंचे, तो यह लोकतंत्र की असली भावना का उदाहरण है। सभी को बधाई।”
कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया का यह चुनाव केवल एक संगठन का चुनाव नहीं था, बल्कि इसमें भारतीय राजनीति के दिग्गज नेताओं की भागीदारी ने इसे एक हाई-प्रोफाइल राजनीतिक इवेंट बना दिया। 20 साल बाद हुए इस मुकाबले में रूडी ने फिर साबित कर दिया कि उनकी पकड़ अभी भी मजबूत है।